पीपीई, मास्क, लेंगे चीन से, पैसे उधार लेंगे ‘वर्ल्ड बैंक’ से और भाषण मैं कहेंगे ‘स्वदेशी’ अपनाने के लिए: श्याम मीरा।

नई दिल्ली:- आप सभी बखूबी जानते हैं कि हम अपने दैनिक जीवन में विश्व भर की कई चीज़ों का इस्तेमाल करते हैं और इस बारे में हमें खुद ही पता नहीं होता

लेकिन जब भी देश की जीडीपी की बात आती है तब हमारे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी हमें स्वदेशी निर्मित चीज़ों का इस्तेमाल करने की सलाह देते हैं और विदेशी चीज़ों के इस्तेमाल को मना करते हैं।

जबकि वे स्वयं विदेशी चीज़ों के इस्तेमाल को प्राथमिकता देते हैं।
1. जिस बोइंग 747-400 विमान से मोदी जी हवा में सैर करते हैं वह विमान भी अमेरिकी कम्पनी का बना हुआ है।

2. मोदी जी जो चश्मा पहनते हैं वह जर्मनी की एक कंपनी मायबाख का है।

3. मोदी जी ने कोरॉना मरीज़ों की जांच के लिए पीपीई किट, मास्क, वेंटिलेटर आदि चीन से ही आयात किए।

4. यहां तक कि विदेशी सहायता के लिए भेजी गई दवाईयों का कच्चा माल भी चीन से ही मंगाया गया था।

5. उधार भी वर्ल्ड बैंक और एशिया D बैंक से लिया गया।

देखा जाए तो आमतौर पर हम सभी जब किसी को कुछ देते हैं तो बदले में उससे कुछ न कुछ तो लेते ही हैं और यही जीवन के कई नियमों में से एक है तो फिर इसमें गलत क्या है, लेकिन मोदी जी हमेशा विदेशी चीज़ों के इस्तेमाल को त्यागर स्वदेशी चीज़ों के इस्तेमाल करने पर ही बल देते हैं जबकि वे खुद अपने जीवन में विदेशी चीज़ों को प्राथमिकता देते हैं।

जब आप खुद अपनी बातों पर कायम नहीं रह सकते तो देश भर को अपनी बातों से उकसाने की कोशिश क्यों करते हैं, और यदि हम विदेशी चीज़ों के इस्तेमाल को रोक भी दें तो फिर हमारे विदेशी संबंध बिगड़ने का भी खतरा है।

 

 

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