सीएम हेमंत सोरेन ने केंद्र सरकार को घेरे में लेकर कोयले और लोहे के बदले की आरक्षण की मांग।

झारखण्ड:- हाल ही में हुए जेएमएम 48 वें स्थापना दिवस समारोह के दौरान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने केंद्रीय सरकार को घेरे में लेकर रखी अपनी मांग।

उनका कहना है कि लगातार एक एक करके केंद्रीय सरकार कोई न कोई सरकारी कंपनियों को बेच रही है जिसके कारण आरक्षण धीरे धीरे खत्म होने की कगार पर पहुंच सकता है जिसके बचाव ने सीएम हेमंत सोरेन ने केंद्रीय सरकार को धमकी दी और यह साफ कर दिया कि अगर ऐसा ही चलता रहा तो वे अपने राज्य से कोयले और लोहे का निर्यात नहीं होने देंगे।

हेमंत ने साफ साफ तौर पर घोटाले करने वाले सरकारी पदाधिकारियों को जेल भेजने की धमकी दी और बताया कि

‘कोल कंपनियां जमीन लेती हैं, पर नौकरी नहीं देतीं’ सीएम ने कहा कि कोयलांचल में कोल कंपनियां कोयले के नाम पर झारखंडियों की जमीनें लेती रही हैं. लेकिन जमीन के बदले उन्हें नियोजन और मुआवजा तक नहीं मिला. इसके अलावा सरकारी जमीनें भी कोल कंपनियों के द्वारा कोयले के नाम पर ली गईं. लेकिन उसके एवज में सरकार को कोई मुआवजा नहीं दिया जाता, अब ऐसा नहीं चलेगा. सरकार की जमीन लेने पर सरकार को मुआवजा देना पड़ेगा, नहीं तो खदानें बंद कर देंगे. रैयतों की जमीन लेने पर उन्हें रोजगार देना अनिवार्य करना होगा।

देखते हैं हेमंत सोरेन की ये धमकी आरक्षण पर क्या प्रतिक्रिया देने वाली है।

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